Tuesday, April 23, 2013

भूखंड घोटालों का नोएडा



घोटालों का शतक बनेगा नोएडा में


नोएडा एक ऐसा इलाका बन चुका है, जो जमीनों के घोटालों का शतक भी बना ले तो अचरज नहीं होना चाहिए। पिछले दिनों जमीनों से संबंधित जो घोटाले सामने आए हैं, वे 50 हजार करोड़ रुपयों की सीमा पार कर चुके हैं। मुकेश अग्रवाल सरीखे न जाने कितने छोटे-बड़े बिल्डर हैं, जो ऐसे घोटालों में शामिल हैं। कुछ आईएएस अफसरान और राजनेता भी इन घोटालों में अंदर तक घुसे होने के कारण पकड़े भी गए हैं, उनमें से एक-दो को सजा भी हो चुकि है लेकिन अभी भी मुकेश अग्रवाल सरीखे कुछ बिल्डर मजे से बाहर घूम रहे हैं।

ऐसे ही कुछ बिल्डरों और अफसरान के बारे में स्कैम्स लीक अगले कुछ दिनों मे भंडाफोड़ करने जा रहा है। उनके बारे में धारावाहिक रूप से खबरों का सिलसिला शुरू कर रहे हैं। इस घोटाले के कारण आप समझ जाएंगे कि दिल्ली राजधानी क्षेत्र (एनसीआर) की नींव ही भ्रष्टाचार के दलदल में खड़े लालची बाबुओं – नेताओं – कारोबारियों के गंदे इरादों की गारे-रेत से बनी है।

नवंबर 2011 में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव किरीट सोमैया ने पश्चिमी उत्तरप्रदेश के नवीन ओखला औद्योगिक विकास प्राधिकरण याने कि नोएडा में जमीन आवंटन में एक लाख करोड़ रुपए से ज्यादा के घोटाले का आरोप लगाते हुए विशेष जांच दल (एसआईटी) से जांच कराने की मांग की थी लेकिन राजनीतिक मजबूरियों के चलते तब तो यह नहीं हो सका था। 

श्री सोमैय्या ने नोएडा के मुख्य अभियंता यादव सिंह पर भ्रष्टाचार में लिप्त होने का आरोप लगाते हुए उनकी संपत्ति और उनके परिवार के निवेश की पूरी और सघन जांच की मांग की थी। इस सिलसिले में किरीट सोमैया ने आरोपी परिवार की संपत्तियों के कुछ दस्तावेज भी दिखाए थे।

इस घोटाले से संबंधित ढेरों सूचनाएं और कुछ अन्य तथ्य स्कैम्स लीक के हाथ लगे हैं। हम उनका खुलासा एक-एक करके आगामी कुछ दिनों में करेंगे। सबसे पहले वे पुराने घोटाले और जानकारियां पेश हैं, जो आज तक सबकी जानकारी में तो हैं, लेकिन हिस्सों-हिस्सों में वह सब सामने आया है। अब स्कैम्स लीक पूरी जानकारियां एक साथ पिरो रहा है ताकि आप सब कुछ एक ही जगह पर जान सकें। इसके अलावा कुछ ऐसे बिल्डरों के स्टिंग ऑपरेशन भी हम आगामी दिनों में दिखाएंगे, जिनके चेहरे अब तक नोएडा जमीन घोटालों में सामने नहीं आए हैं।

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