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Monday, April 8, 2013

सर्विस टैक्स की चोरी रोकने का नया फॉर्मूला!

सरकार ने सर्विस टैक्स चोरी को रोकने के लिए अब एक नया फॉर्मूला निकाला है। अब सर्विस देने वाली और लेने वाली दोनों कंपनियों से सर्विस टैक्स वसूला जाएगा।

सरकार के नए फॉर्मूले में कर्मचारी मुहैया कराने वाली कंपनी पर स्कीम सबसे पहले लागू होगी। इसके अलावा कंस्ट्रक्शन सेक्टर और ट्रांसपोर्टेशन सेक्टर पर भी स्कीम पहले लागू होगी। कर्मचारी सप्लाई करने वाले को 25 फीसदी टैक्स देना होगा, जबकि सर्विस लेने वालों को 75 फीसदी टैक्स देना होगा।

वहीं टांसपोर्ट सुविधा देने वाले को 60 फीसदी टैक्स देना होगा, जबकि टांसपोर्ट सुविधा लेने वाले को 40 फीसदी टैक्स देना होगा। कंस्ट्रक्शन सेक्टर में दोनों कंपनियों 50-50 फीसदी की दर से टैक्स देगी। कंपनियां आपस में सर्विस टैक्स का सेटलमेंट करेंगी।


साभार:
प्रकाशित Wed, अप्रैल 04, 2012 पर 13:55  |  स्रोत : CNBC-Awaaz
http://hindi.moneycontrol.com/mccode/news/article.php?id=53741

सेवा कर चोरी रोकने के लिए नई खुफिया इकाई पर विचार

नई दिल्ली, (भाषा)।  सेवा कर चोरी के बढ़ते मामलें से चिंतित सरकार इसके लिए एक अलग खुफिया इकाई बनाने पर विचार कर रही है।  आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि प्रस्तावित कर अपवंचना रोधक निदेशालय का गठन वित्त मंत्रालय द्वारा उसके तहत आने वाली दो और खुफिया इकाई, राजस्व खुफिया महानिदेशालय (डीआरआई) तथा केंद्रीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय (डीजीसीईआई) की तर्ज पर ही किया जाएगा।

वित्त वर्ष 2012-13 की अप्रैल से दिसंबर की अवधि में केंद्रीय उत्पाद एवं सीमा शुल्क बोर्ड (सीबीईसी) ने 9,800 करोड़ रुपये की सेवा कर अपवंचना का पता लगाया है। इससे पिछले वित्त वर्ष की समान अवधि में यह आंकड़ा 5,000 से 6,000 करोड़ रुपये रहा था।  सूत्रांs ने कहा कि सेवा कर के दायरे में और सेवाओं के आने के मद्देनजर नया निदेशालय बनाने पर विचार हो रहा है। मंत्रालय के एक आधिकारिक नोट के अनुसार, सेवा कर के दायरे में सेवाॐ की संख्या में उल्लेखनीय इजाफा हुआ है। सेवा कर की अपवंचना गतिविधियें को रोकने के लिए कदम उ"ाने की जरूरत है।

फिलहाल डीजीसीईआई के पास खुफिया सूचनाएं जुटाने तथा केंद्रीय उत्पाद तथा सेवा कर अपवंचकों के खिलाफ कार्रवाई का जिम्मा है। वहीं डीआरआई का काम सीमा शुल्क चोरी रोकना तथा तस्करी के बारे में खुफिया सूचना जुटाना है।

सूत्रों ने कहा कि डीजीसीईआई तथा डीआरआई सक्रिय रूप से सेवा कर, उत्पाद एवं सीमा शुल्क अपवंचकों को पकड़ते हैं। हालांकि एक अलग निदेशालय से सेवा कर चोरी रोकने में मदद मिलेगी।  सेवा कर के दायरे में 100 से ज्यादा सेवाएं आती हैं। इनमें विमान यात्रा, रेस्तरां में भोजन, होटलें, क्लब या गेस्ट हाउस में ठहरना, अचल संपत्ति को किराये पर देना, कैब का किराया, स्वास्थ्य एवं फिटनेस क्लब आदि आते हैं। इन पर 12 प्रतिशत की दर से सेवा कर लगता है।

इस बीच, केंदीय उत्पाद खुफिया इकाई चेन्नई क्षेत्र ने 2012-13 में 164 ऐसे मामलें का पता लगाया है जिनमें 560 करोड़ रुपये के उत्पाद शुल्क एवं सेवा कर की अपवंचना की गई है।

एक आधिकारिक बयान में कहा गया है, वित्त वर्ष 2012-13 के दौरान केंदीय उत्पाद खुफिया महानिदेशालय चेन्नई क्षेत्र ने कुल 164 ऐसे मामलें का पता लगाया है जिनमें 560 करोड़ रुपये के उत्पाद शुल्क और सेवा कर की चोरी की गई है। बयान में कहा गया है कि इन मामलें में कुल 166 कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं।
साभार:
प्रकाशित: 07 अप्रैल 2013
http://www.virarjun.com/DisplayNews.aspx?newsid=109275