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Friday, February 28, 2014

राजीव शुक्ला की कंपनी को 'कौड़ियों' में दिए करोड़ों के प्लॉट

केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता राजीव शुक्ला की BAG फिल्म्स एजुकेशन सोसायटी (BFES) को करोड़ों के बेशकीमती सरकारी प्लॉट करीब 35 साल पुराने रेट पर कौड़ियों के मोल देने का मामले सामने आया है। 2008 में महाराष्ट्र सरकार ने BFES को एक प्लॉट जहां मामूली कीमत पर बेचा, वहीं उसी दिन दूसरा प्लॉट महज 6,309 रुपये में 15 साल के लीज पर दे दिया गया। हाल में जारी किए गए सरकारी दस्तावेजों से इसका खुलासा हुआ है।

इन दस्तावेजों के मुताबिक अंधेरी में स्थित प्राइमरी स्कूल के लिए रिजर्व 2,821 स्क्वेयर मीटर के प्लॉट को BFES को 2008 में 98,735 रुपये की मामूली सी कीमत पर बेचा गया। दस्तावेजों से पता चलता है कि पहले प्लॉट के ठीक बगल के दूसरे प्लॉट को जो एक प्ले ग्राउंड के लिए रिजर्व था को BFES को 15 साल की लीज पर महज 6,309 रुपये में दे दिया गया। हैरान कर देने वाली बात यह है कि इन दोनों प्लॉट्स की मार्केट वैल्यू 100 करोड़ रुपये से ऊपर बैठती है। ऐक्टिविस्ट्स महाराष्ट्र सरकार के इस फैसले पर सवाल उठा रहे हैं।

2007 में जब इन प्लॉट्स के लिए आवेदन किया गया था तब अनुराधा प्रसाद इस सोसाइटी की अध्यक्ष थीं जबकि उनके पति और सांसद राजीव शुक्ला इसके सेक्रेटरी। महाराष्ट्र के राजस्व विभाग ने सितंबर 2008 में BFES का आवेदन स्वीकार किया था। शुक्ला के ऑफिस के अजीत देशपांडे ने बताया कि 2007 में जब प्लॉट के लिए आवेदन किया गया था, तब राजीब शुक्ला इसके सेक्रेटरी थे। उन्होंने आठ दिन बाद ही इससे इस्तीफा दे दिया था। 2008 में आवेदनों को सरकार ने स्वीकार कर लिया था।

BFES को प्लॉट्स आवंटित करते समय सरकार ने 1976 के हिसाब से 140 रुपये/स्क्वेयर मीटर का मूल्य लगाया और महज 98, 735 रुपये वसूले। इसमें शर्त रखी गई कि इसका इस्तेमाल प्राइमरी स्कूल के लिए ही किया जाए। इसी तरह प्ले ग्राउंड के लिए रिजर्व प्लॉट को उसी दिन 15 साल की लीज पर दिया गया। इसकी लीज अमाउंट 1976 में इसकी कीमत की 10 पर्सेंट यानी 6,309 रुपये लगाई गई।

आखिर राज्य सरकार ने शुक्ला पर इतनी मेहरबानी क्यों दिखाई, यह अभी तक रहस्य है। हमारे सहयोगी अखबार 'मुंबई मिरर' ने जब इस बारे में सरकारी अधिकारियों से जानने की कोशिश की, तो वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए।
साभार
मुंबई मिरर | Nov 29, 2013, 04.47PM IST मुंबई
http://navbharattimes.indiatimes.com/mumbai/other-news/state-sold-rs-100-cr-andheri-plot-to-mps-firm-for-under-a-lakh/articleshow/26566221.cms

राजीव शुक्ला की कंपनी को कौड़ियों में प्लॉट देने की फाइल गुम

केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला की पत्नी की संस्था को दी गई जमीन के कागजात मंत्रालय में उपलब्ध नहीं हैं। एक आरटीआई अर्जी के जवाब में बताया गया कि इस मामले की फाइल पिछले साल मंत्रालय में लगी आग में जलकर खाक हो गई। बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने आरोप लगाया कि 100 करोड़ रुपये की जमीन कौड़ियों के मोल दिए जाने के मामले पर पर्दा डालने के लिए फाइल जलने का बहाना बनाया जा रहा है।

महाराष्ट्र सरकार ने 2007-2008 में राजीव शुक्ला की पत्नी अनुराधा प्रसाद की संस्था 'बैग फिल्म्स एजुकेशनल सोसायटी' को नाममात्र 98 हजार 739 रुपये में अंधेरी में 2821 स्क्वेयर फीट का यह प्लॉट अलॉट कर दिया था।

सोमैया का आरोप है कि आवंटित प्लॉट के नजदीक का 3534 स्क्वेयर फीट का प्लॉट भी इसी संस्था ने खरीदा, तो सुविधा के लिए उस पर लगा प्राइमरी स्कूल का रिजर्वेशन सरकार ने हटा दिया है।

बीजेपी ने अलॉटमेंट रद्द करके जमीन वापस लेने की मांग की है। वैसे, सोसायटी की चेयरमैन अनुराधा प्रसाद इस मामले में किसी भी तरह की अनियमितता के आरोप से इनकार कर चुकी हैं। फाइल गुम होने के आरोप लगने के बाद उनसे संपर्क नहीं हो सका।

100 करोड़ वसूलने की मांग: बीजेपी नेता किरीट सोमैया ने मुख्यमंत्री पृथ्वीराज चव्हाण से मांग की है कि बेशकीमती जमीन के अलॉटमेंट के बदले में सरकार केंद्रीय मंत्री राजीव शुक्ला की पत्नी की संस्था से 100 करोड़ रुपये वसूले।

इन पैसों का इस्तेमाल विमानवाही पोत 'विक्रांत' को कबाड़ में जाने से बचाने के लिए किया जाए। विक्रांत को संग्रहालय में परिर्वितत करने के लिए 150 करोड़ रुपये की जरूरत है, बाकी के 50 करोड़ रुपये महाराष्ट्र की जनता वहन कर लेगी।
साभार
नवभारत टाइम्स | Dec 7, 2013, 10.19AM IST मुंबई
http://navbharattimes.indiatimes.com/mumbai/other-news/file-on-rajiv-shuklas-shady-plot-deal-lost-in-mantralaya-fire/articleshow/27002530.cms